हरियाणा में बनेगा नया चार लेन मार्ग, इन गांवों में जमीन के दाम होंगे डबल, इन शहरों को मिलेगी नई कनेक्टिविटी, जानें डीटेल
Haryana Kranti, चंडीगढ़: हरियाणा के नागरिकों के लिए एक खुशखबरी है कि मुख्यमंत्री नायब सैनी ने गुरुग्राम-पलवल रोड को चार लेन (Haryana New Four Lane Highway) बनाने की घोषणा की है। इस परियोजना का उद्देश्य यात्री और मालवाहन दोनों की गति को बढ़ाना है, जिससे न केवल यातायात की समस्या हल होगी, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। इस चार लेन सड़क परियोजना से नागरिकों और व्यापारियों के लिए कई फायदे होंगे। आइए जानते हैं इस योजना के बारे में विस्तार से।
इन राष्ट्रीय राजमार्गों से कनेक्टिविटी बढ़ेगी
दिल्ली-मथुरा-आगरा (NH-19)
गुरुग्राम-नूह-राजस्थान (NH-248A)
दिल्ली-जयपुर (NH-48)
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (NE-4)
जाम की समस्या होगी छूमंतर
चार लेन सड़क बनने से गुरुग्राम-पलवल क्षेत्र के यातायात की क्षमता में वृद्धि होगी। पहले जहां यातायात जाम के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ता था, अब चार लेन बनने से यह समस्या हल होगी। चार लेन बनने के बाद इस मार्ग पर होने वाले जाम की समस्या हल हो जाएगी। नूह, होडल, और पलवल जैसे क्षेत्रों में यातायात की गति में वृद्धि होगी। इसके कारण सड़क पर होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी, जिससे यात्रियों को राहत मिलेगी।
विकास को लगेंगे पंख
यह परियोजना सिर्फ यातायात सुधारने के लिए नहीं है, बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा देगी। सड़क का निर्माण न केवल अधिक रोजगार के अवसर पैदा करेगा, बल्कि व्यापार और पर्यटन में भी वृद्धि होगी। इससे आसपास के क्षेत्रों में संपत्ति की कीमतें बढ़ सकती हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं में भी आएगी तेजी
चार लेन सड़क के बनने से आपातकालीन सेवाएं भी बेहतर हो सकेंगी। तेज़ गति से यात्रा के कारण, मरीजों को अस्पतालों तक जल्दी पहुंचाया जा सकेगा। इससे समय की बचत होगी और जीवन बचाने की संभावना बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री नायब सैनी के दिशा-निर्देश
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने लोक निर्माण विभाग (B&R) के अधिकारियों को परियोजना की कार्यवाही को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ऑनलाइन बिडिंग प्रक्रिया में सुधार करने की बात की और सुनिश्चित किया कि किसी भी ठेकेदार को परियोजना बीच में छोड़ने का मौका नहीं मिले। इसके तहत L-1 ठेकेदार की अनुपस्थिति में L-2 ठेकेदार को परियोजना का कार्य सौंपा जाएगा, ताकि विकास कार्यों में कोई देरी न हो।