हरियाणा वासियों के लिए बड़ी खबर! हरियाणा सरकार ने 2 मंजिला भवनों को लेकर करी बड़ी घोषणा, जानें
Haryana Govt: हरियाणा सरकार (Haryana News) ने अपने सभी शहरों में दो मंजिल से अधिक वाले रिहायशी भवनों के लिए स्टिल्ट पार्किंग (What is stilt parking) को अनिवार्य कर दिया है। यह कदम विशेष रूप से शहरों में बढ़ती पार्किंग की समस्या को देखते हुए उठाया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि नए भवनों में पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था हो, ताकि वाहन पार्किंग की समस्या का समाधान किया जा सके।
क्या है स्टिल्ट पार्किंग?
स्टिल्ट पार्किंग वह पार्किंग है जो भवन के निचले हिस्से में बनाई जाती है, जहां ऊपर की मंजिलें उन्नत होती हैं और वाहन नीचे खड़े होते हैं। यह पार्किंग प्रणाली अक्सर शहरी क्षेत्रों में जगह बचाने के लिए बनाई जाती है, खासकर जहां ज़मीन की कमी होती है।
क्या बदलाव होंगे नए नियमों में?
हर दो मंजिल से अधिक के भवनों में स्टिल्ट पार्किंग अनिवार्य होगी, चाहे भवन में अलग-अलग फ्लैट बेचे जाएं या पूरी बिल्डिंग का मालिकाना हक एक व्यक्ति के पास हो। यदि कोई भवन स्वयं के उपयोग के लिए है, तो तीन मंजिल तक के भवनों में स्टिल्ट पार्किंग से छूट दी जाएगी। चार मंजिल वाले सभी भवनों में स्टिल्ट पार्किंग अनिवार्य होगी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में 500 वर्ग मीटर से बड़े सभी प्लाटों का निर्माण या तोड़-फोड़ के लिए डस्ट पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा।
सरकार का उद्देश्य
हरियाणा सरकार का यह कदम नगर और ग्राम नियोजन विभाग द्वारा शहरी क्षेत्रों में बढ़ते वाहन पार्किंग संकट को हल करने के लिए उठाया गया है। यह नियम न केवल आवासीय क्षेत्र की व्यवस्था में सुधार करेगा, बल्कि शहरों की सड़कें भी व्यवस्थित रहेंगी।
नया बिल्डिंग कोड 2017 में संशोधन
इस नए निर्णय के बाद बिल्डिंग कोड-2017 में भी बदलाव किए जाएंगे। इससे सभी रिहायशी भवनों के निर्माण के दौरान पार्किंग की व्यवस्था को ध्यान में रखा जाएगा। नई व्यवस्था में यदि किसी भवन में स्टिल्ट पार्किंग नहीं होगी, तो उस भवन का पंजीकरण नहीं होगा।
लोगों से सुझाव और आपत्तियां
इस निर्णय पर लागू करने से पहले सरकार ने एक फरवरी तक लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। इस दौरान जो भी सुझाव या आपत्तियां प्राप्त होंगी, उन पर विचार किया जाएगा और मुख्यमंत्री नायब सैनी की मंजूरी के बाद नए नियम लागू कर दिए जाएंगे।
जनरल वीपी मलिक की याचिका
इससे पहले, हरियाणा सरकार की स्टिल्ट प्लस चार मंजिला बिल्डिंग बनाने की पॉलिसी को पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीपी मलिक ने पंजाब-हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। उनका आरोप था कि पंचकूला और आसपास का क्षेत्र भूकंपीय क्षेत्र चार में आता है, और इस तरह की अनुमति देने से पहले वैज्ञानिक अध्ययन नहीं किया गया है। इस मामले की सुनवाई 22 जनवरी को होनी है।