8th Pay Commission: केंद्र सरकार ने 1 करोड़ कर्मचारियों की करी मौज, अब सैलरी में होगी इतनी बढ़ोत्तरी, जानें कितना होगा फायदा
Haryana Kranti, नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने नए साल में लाखों कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन को मंजूरी दे दी है। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर कर्मचारियों के वेतन और पेंशनभोगियों (pensioners) की पेंशन में वृद्धि की जाएगी। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव (Minister Ashwini Vaishnav) ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया। आयोग के अध्यक्ष और दो सदस्यों की नियुक्ति जल्द ही की जाएगी।
1 करोड़ कर्मचारियों को होगा फायदा
सरकार की ओर से कर्मचारियों के वेतन ढांचे को संशोधित करने के लिए आमतौर पर हर 10 साल में एक वेतन आयोग का गठन किया जाता है। इस निर्णय से 10 मिलियन से अधिक केन्द्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लाभ होगा। वर्तमान में करीब 48.62 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 67.85 लाख पेंशनभोगी हैं। वेतन आयोग की सिफारिश पर केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी की जाएगी। इसमें कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (डीए) और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई राहत (डीआर) शामिल है।
वेतन में कितनी वृद्धि होगी?
8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के कार्यान्वयन से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि होगी। अब तक के पैटर्न के अनुसार, वेतन संशोधन फिटमेंट फैक्टर के आधार पर किया जाता है। सातवें वेतन आयोग ने वेतन संशोधन के लिए 2.57 का फिटमेंट फैक्टर अपनाया था। दूसरी ओर, 8वां वेतन आयोग इस कारक को बढ़ाकर 2.86 करने की सिफारिश कर सकता है।
मध्य प्रदेश के न्यायिक कर्मियों के वेतनमान का मामला कैबिनेट में उठाया जाएगा
मध्यप्रदेश के न्यायिक कर्मियों को उच्च वेतनमान का लाभ देने का मामला कैबिनेट में उठाया जाएगा। यह जानकारी राज्य सरकार ने अपने जवाब में दी। न्यायमूर्ति सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की खंडपीठ ने जवाब को रिकार्ड पर लिया और सरकार को प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद
यह मामला 2016 में उच्च न्यायालय के कर्मचारी किशन पिल्लई और अन्य द्वारा दायर किया गया था। जिसमें उच्च वेतनमान का लाभ न दिए जाने को चुनौती दी गई थी। उच्च न्यायालय ने 28 अप्रैल, 2017 के अपने आदेश में कहा था कि राज्य सरकार के पास यह मामला 27 जून तक लंबित है। इसके लिए हाईकोर्ट कर्मचारियों के वेतनमान का मुद्दा 4 सप्ताह में सुलझाया जाए।
आदेश का पालन न करने पर 2018 में अवमानना याचिका दायर की गई थी। गुरुवार को सरकार ने समय की राहत मांगते हुए कहा कि पूरी प्रक्रिया के बाद मामला कैबिनेट से होते हुए राज्यपाल के पास पहुंचेगा।
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