Biggest Mall: यहां बनेगा भारत का सबसे बड़ा शॉपिंग मॉल, जोरों पर है एयरोसिटी का निर्माण कार्य
देश की राजधानी दिल्ली में इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (Indira Gandhi International Airport) के पास एयरोसिटी में भारत का सबसे बड़ा शॉपिंग मॉल बनने की तैयारी जोरों पर है। यह मॉल न सिर्फ अपने विशाल क्षेत्रफल बल्कि आधुनिक सुविधाओं और व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी खास होगा।
कुल 28 लाख वर्ग फीट क्षेत्रफल में फैला यह मॉल 2027 तक तैयार हो सकता है। इस मॉल को बनाने का उद्देश्य है एयरपोर्ट के आसपास एक ऐसा आधुनिक और सुविधाजनक केंद्र विकसित करना जो एक बड़े व्यापारिक शहर की तरह दिखे। इस मॉल की योजना और सुविधाएं इसे देश का पहला "एयरोट्रोपोलिस मॉल" बनाएंगी।
एयरोसिटी की खासियतें
एयरोसिटी का निर्माण दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में 1.8 करोड़ वर्ग फीट की जमीन पर ऑफिस, दुकानों, फूड कोर्ट और एक बड़े शॉपिंग मॉल के लिए जगह बनाई जाएगी। यह क्षेत्र न केवल व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र होगा बल्कि इसमें कई होटल, अंडरग्राउंड पार्किंग और आरामदायक वॉकवे जैसी सुविधाएं भी होंगी।
दूसरे चरण में वर्ल्डमार्क 4, 5, 6 और 7 का निर्माण किया जाएगा। इसमें 35 लाख वर्ग फीट का अतिरिक्त स्थान जोड़ा जाएगा। इस क्षेत्र को ऑफिस और दुकानों के लिए किराए पर दिया जाएगा। इसके साथ ही 8,000 से अधिक गाड़ियों के लिए अंडरग्राउंड पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
2029 तक बन जाएगा दुनिया का सबसे बड़ा मॉल
दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने इस परियोजना की शुरुआत की थी। एयरोसिटी की लीज़ फिलहाल एक निजी कंपनी के पास है। 2029 तक इस मॉल को दुनिया का सबसे बड़ा मॉल बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
यह मॉल 1 करोड़ वर्ग फीट से अधिक क्षेत्र में फैला होगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दूसरे और तीसरे चरण में कुल 2.5 अरब डॉलर (लगभग 20 हजार करोड़ रुपये) का निवेश किया जाएगा। इस धनराशि को शेयर बाजार और ऋण के माध्यम से जुटाया जाएगा।
आधुनिक होटलों और ऑफिस स्पेस का केंद्र
एयरोसिटी में पहले से ही कई बड़े होटल बनाए जा चुके हैं। इनमें JW मैरियट, रोजेट और एकोर ग्रुप के होटल शामिल हैं। इन होटलों में कुल 5,000 कमरे हैं। जब इसका दूसरा चरण पूरा होगा तो होटलों की संख्या 16 हो जाएगी और कमरों की संख्या भी लगभग दोगुनी हो जाएगी। इसके अलावा तीसरे चरण में 40 लाख वर्ग फीट का अतिरिक्त वाणिज्यिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा। यह क्षेत्र दिल्ली के महीपालपुर और टर्मिनल 2 और 3 को जोड़ने वाले उत्तरी पहुंच मार्ग से जुड़ेगा।
2025 में शुरू होगा अगला चरण
एयरोसिटी परियोजना के अगले चरण का काम 2025 में शुरू होगा और 2029 तक पूरा कर लिया जाएगा। इस चरण में खुदरा स्थान के साथ-साथ ऑफिस और साइकिल ट्रैक जैसी सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। विशेष जानकारी के अनुसार इस परियोजना के पूरा होने के बाद हर साल कम से कम 30 मिलियन लोग शॉपिंग और अन्य गतिविधियों के लिए यहां आएंगे।
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