Movie prime

DU से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट, फुल टाइम जॉब के साथ शुरू की UPSC की तैयारी, पहले दो प्रयासों ने किया निराश तीसरे में पास किया UPSC Exam 

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में हर साल लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ एक प्रतिशत ही सफलता हासिल कर पाते हैं। अधिकतर उम्मीदवार इस परीक्षा की तैयारी के लिए महंगी कोचिंग क्लासेस का सहारा लेते हैं, लेकिन कई बार इसके बावजूद उन्हें सफलता नहीं मिल पाती।  
 
UPSC Success Story

UPSC Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा में हर साल लाखों उम्मीदवार शामिल होते हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ एक प्रतिशत ही सफलता हासिल कर पाते हैं। अधिकतर उम्मीदवार इस परीक्षा की तैयारी के लिए महंगी कोचिंग क्लासेस का सहारा लेते हैं, लेकिन कई बार इसके बावजूद उन्हें सफलता नहीं मिल पाती।  

UPSC परीक्षा:UPSC Exam

UPSC की परीक्षा को क्रैक करना किसी भी उम्मीदवार के लिए आसान नहीं होता। इसके लिए सही मार्गदर्शन, सही किताबें, और एक मजबूत रणनीति की आवश्यकता होती है। आइए जानते हैं एक आईएएस अधिकारी (IAS Success Story) की सफलता की कहानी, जिन्होंने बिना कोचिंग के UPSC परीक्षा (UPSC Story) पास की।

सरजना यादव की सफलता की कहानी:Success Story of Sarjana Yadav

सरजना यादव की सफलता की कहानी उन सभी के लिए प्रेरणादायक है जो UPSC की तैयारी में कोचिंग क्लासेस पर लाखों रुपये खर्च करने का सोच रहे हैं। सरजना यादव ने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया और इसके बाद ट्राई (TRAI) में रिसर्च ऑफिसर के तौर पर काम करना शुरू किया। हालांकि, उन्होंने अपनी फुल टाइम जॉब के साथ UPSC की तैयारी करना भी शुरू किया।

पहले दो प्रयासों में असफलता:Failure in first two attempts

सरजना यादव ने पहले दो प्रयासों में UPSC की परीक्षा पास नहीं की, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन असफलताओं से बहुत कुछ सीखा और अपनी रणनीतियों में सुधार किया। इसके बाद, उन्होंने 2019 में सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 126वीं रैंक हासिल की।

सेल्फ स्टडी की ताकत:The power of self study

सरजना का मानना है कि UPSC की तैयारी के लिए कोचिंग क्लासेस आवश्यक नहीं हैं। अगर उम्मीदवार के पास सही सामग्री है और एक ठोस अध्ययन रणनीति है, तो वह सेल्फ स्टडी से भी सफलता पा सकता है। सरजना का कहना है कि ज्यादा किताबें पढ़ने की बजाय, उम्मीदवार को सीमित किताबें चुननी चाहिए और उन्हें बार-बार पढ़ना चाहिए। इस प्रकार, वह अपनी तैयारी को मजबूत बना सकते हैं।