UP के इस जिले में नई रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण, किसानों को जल्द मिलेगा मुआवजा, सरकार ने मंजूर किए 410 करोड़
उत्तर प्रदेश में खलीलाबाद-बांसी नई रेल लाइन परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। भूमि अध्याप्ति अधिकारी आशीष पांडेय ने जानकारी दी कि अगले सप्ताह किसानों को मुआवजा राशि वितरण करने की योजना बनाई गई है, जिससे इस परियोजना को शीघ्रता से पूरा किया जा सके। खलीलाबाद-बांसी रेल लाइन के शुरू होने से क्षेत्र में रेल यात्रा की सुविधा बढ़ेगी और स्थानीय विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। इस परियोजना में खलीलाबाद और मेंहदावल तहसील के गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है।
मेंहदावल तहसील के घोरकटा, बधिनी, रेशमुर, परसवनिया, अमथरी, धोबहा, सिघौना, लंगडाबर जैसे गांवों में मुआवजा राशि वितरण की योजना बनाई गई है। वहीं, खलीलाबाद तहसील के चिट्ठापार, देवकली, नाउडाड़, जीनखाल, नाजिरजोत, बरहटा, भुअर, भिरवा, बारीगांव, मखदूमपुर, भगवानपुर, कड़सरी, समदा, अतरी, हारा पट्टी, बढ़या बाबू, लोरिक बारी, तरकुलवा, उस्का कला आदि गांव भी इस प्रक्रिया में शामिल हैं।
भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया
पहले फेज में खलीलाबाद से बांसी तक लगभग 54 किलोमीटर लंबी रेल लाइन का निर्माण किया जाना है। इसके लिए कुल 96 गांवों की भूमि अधिग्रहित की जानी थी, जिसमें खलीलाबाद तहसील के 31 गांवों की 75.128 हेक्टेयर और मेंहदावल तहसील के 25 गांवों की 66.862 हेक्टेयर भूमि शामिल थी। हालांकि, रेलवे द्वारा एलाइमेंट में परिवर्तन करने के बाद अधिग्रहण प्रक्रिया रुक गई थी। अब प्रशासन द्वारा 28 गांवों में नए सिरे से भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की गई है। भूमि अधिग्रहण के लिए नोटिस जारी कर 30 दिन का समय दिया गया था, जिसमें किसानों की आपत्तियों का समाधान किया गया है। इसके बाद अब काश्तकारों को मुआवजा राशि देने की तैयारी की जा रही है।
दो चरणों में होगा मुआवजा वितरण
मुआवजा राशि वितरण की प्रक्रिया को दो चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में मेंहदावल के 9 गांवों के किसानों को मुआवजा दिया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में खलीलाबाद के 19 गांवों के किसानों को मुआवजा वितरित किया जाएगा। सरकार ने मुआवजा वितरण के लिए कुल 410 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, जिससे इस परियोजना को शीघ्रता से पूरा किया जा सकेगा।
खलीलाबाद-बहराइच रेल लाइन से विकास की उम्मीद
इस नई रेल लाइन के निर्माण से क्षेत्र के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। खलीलाबाद-बांसी रेल लाइन के बाद इसका विस्तार बलरामपुर और बहराइच तक किया जाएगा, जिससे इस क्षेत्र के विभिन्न शहरों में कनेक्टिविटी बढ़ेगी। इस रेल लाइन से आने-जाने में सुगमता होगी और स्थानीय व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होने की संभावना है, जिससे क्षेत्रीय विकास को बल मिलेगा। रेलवे लाइन की इस परियोजना के पूरे होते ही खलीलाबाद, बांसी, बलरामपुर, और बहराइच क्षेत्रों में परिवहन सुविधाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। इसके माध्यम से उद्योगों को माल भेजने-लेने में भी आसानी होगी, जिससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी।
गांवों में भूमि अधिग्रहण की तैयारी
जिन गांवों में भूमि अधिग्रहण का काम किया जा रहा है, उनमें किसानों को मुआवजा वितरण का कार्य शीघ्र शुरू होगा। जिन गांवों के किसानों की जमीन ली जानी है, उनमें खलीलाबाद तहसील के चिट्ठापार, देवकली, नाउडाड़, जीनखाल, नाजिरजोत, बरहटा, भुअर, भिरवा, बारीगांव, मखदूमपुर, भगवानपुर, कड़सरी, समदा, अतरी, हारा पट्टी, बढ़या बाबू, लोरिक बारी, तरकुलवा, और उस्का कला शामिल हैं। इसके अलावा मेंहदावल तहसील के घोरकटा, बधिनी, रेशमुर, परसवनिया, अमथरी, धोबहा, सिघौना, और लंगडाबर गांव भी शामिल हैं।
किसानों के हित में मुआवजा नीति
किसानों को उचित मुआवजा देने के लिए सरकार ने विशेष नीति बनाई है, जिससे उनके हितों की सुरक्षा हो सके। किसानों की जमीन का मुआवजा निर्धारित कर दिया गया है और जल्दी ही इस राशि का वितरण शुरू होगा। सरकारी अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना से जुड़े किसानों को उचित मुआवजा देकर उन्हें राहत दी जाएगी। भूमि अध्याप्ति अधिकारी आशीष पांडेय ने कहा कि "इस रेल परियोजना से क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बढ़ेगी और रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। साथ ही, क्षेत्रीय विकास में भी यह परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।"
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