दिल्ली में प्रदूषण दिन प्रतिदिन ले रहा भयंकर रूप! GRAP-4 के तहत लगाए गए कड़े प्रतिबंध, स्कूलों में छुट्टियां घोषित
Delhi Weather News: दिल्ली में इस समय प्रदूषण (Delhi Pollution) की स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार सुबह 11 बजे, राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 487 तक पहुंच गया, जो कि 'गंभीर प्लस' स्तर के करीब है। यह हाल के वर्षों में नवंबर महीने में देखी गई सबसे अधिक प्रदूषित (Delhi Weather News) स्थिति में से एक है। प्रदूषण के इस खतरनाक स्तर को देखते हुए, दिल्ली सरकार ने GRAP-4 (Graded Response Action Plan, Phase 4) के तहत प्रदूषण-विरोधी कड़े प्रतिबंध लागू कर दिए हैं।
दिल्ली में बढ़ता प्रदूषण
दिल्ली में AQI 'गंभीर' स्तर तक पहुंचने के कारण, GRAP-4 के तहत कई सख्त कदम उठाए गए हैं। निर्माण कार्यों से निकलने वाली धूल प्रदूषण को और बढ़ा सकती है, इसलिए इन पर तुरंत रोक लगा दी गई है। दिल्ली में कुछ दिनों के लिए वाहनों की संख्या पर रोक लगाई जा सकती है, ताकि प्रदूषण के स्तर को कम किया जा सके। प्रदूषण बढ़ाने वाले उद्योगों को नियंत्रित करने के लिए पर्यावरण विभाग ने कदम उठाए हैं।
मौसम विभाग अलर्ट और पूर्वानुमान
मौसम विभाग (IMD) ने भी प्रदूषण के बढ़ते स्तर को लेकर एक पीला अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक, दिल्ली में शाम से रात तक मध्यम या उथले कोहरे और धुंध की स्थिति बनी रहेगी। 20 नवंबर से 24 नवंबर तक कोहरे की स्थिति में कुछ सुधार की उम्मीद है।
हालांकि, कोहरे और धुंध की वजह से प्रदूषण के स्तर में बढ़ोतरी हो सकती है। 22 नवंबर को घना कोहरा और हल्की धुंध की स्थिति बन सकती है, जिससे प्रदूषण के प्रभाव को बढ़ावा मिलेगा। मौसम की इस स्थिति के कारण प्रदूषकों का फैलाव रुक गया, जिससे AQI और भी अधिक बढ़ गया। यह वायुमंडलीय परिस्थितियां प्रदूषण के फैलाव के लिए अनुकूल नहीं हैं, और ऐसे में प्रदूषण स्तर में सुधार होने की संभावना कम है।
प्रदूषण के कारण स्कूलों में छुट्टियां
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण और कोहरे के कारण, सरकार ने छठी से नौवीं कक्षा और ग्यारहवीं कक्षा के स्कूलों को बंद करने का आदेश दिया है। इसके अलावा, ऑनलाइन मोड में कक्षाएं आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने 10वीं और 12वीं के बच्चों की ऑनलाइन कक्षाओं के आदेश दिए हैं, ताकि बच्चों को प्रदूषण के खतरनाक स्तर से बचाया जा सके।
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