केंद्र सरकार अब शादी करने पर दे रही है 2.5 लाख, फटाफट ऐसे उठाएं योजना का लाभ
Haryana Kranti, नई दिल्ली: समाज में समानता और सामाजिक भेदभाव खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने एक अनूठी योजना शुरू की है। इसे "अंतर्जातीय विवाह प्रमोशन स्कीम" के नाम से जाना जाता है। इस योजना के तहत सरकार ऐसे जोड़ों को प्रोत्साहन राशि प्रदान करती है, जो अंतर्जातीय विवाह करते हैं। इस योजना की शुरुआत 2023 में की गई थी, और अब तक यह कई परिवारों के लिए लाभकारी साबित हुई है।
योजना के अंतर्गत, यदि कोई ऊंची जाति का व्यक्ति अनुसूचित जाति (SC) के व्यक्ति से विवाह करता है, तो सरकार उन्हें ₹2.5 लाख की आर्थिक सहायता देती है। इसका उद्देश्य जातिगत भेदभाव को खत्म करना और समाज में समानता को बढ़ावा देना है।
कैसे करें अंतर्जातीय विवाह योजना के लिए आवेदन?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन की प्रक्रिया बहुत सरल है। आवेदनकर्ता को अपने राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होता है। पहले, इसे ऑफलाइन तरीके से किया जाता था, लेकिन अब पूरी प्रक्रिया डिजिटल कर दी गई है।
वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले अपने राज्य की सामाजिक कल्याण विभाग की वेबसाइट पर जाएं।
फॉर्म भरें: आवश्यक जानकारी जैसे आधार नंबर, बैंक अकाउंट डिटेल्स और शादी से संबंधित प्रमाण पत्र अपलोड करें।
दस्तावेज़ अपलोड करें: सभी जरूरी दस्तावेज जैसे मैरिज सर्टिफिकेट, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और फोटो अपलोड करें।
फॉर्म सबमिट करें: फॉर्म सबमिट करने के बाद आपके आवेदन की जांच की जाएगी।
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
आधार कार्ड
मैरिज सर्टिफिकेट (एक साल के अंदर बनवाना जरूरी)
बैंक पासबुक
पासपोर्ट साइज फोटो
जाति प्रमाण पत्र
इन दस्तावेजों के बिना आपका आवेदन अधूरा माना जाएगा।
किसे मिलेगा योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ विशेष शर्तें तय की गई हैं:
पहली शादी होनी चाहिए: योजना का लाभ केवल पहली शादी के लिए उपलब्ध है।
मैरिज सर्टिफिकेट अनिवार्य है: शादी के एक साल के भीतर मैरिज सर्टिफिकेट बनवाना जरूरी है।
जाति प्रमाण पत्र: पति-पत्नी में से किसी एक का अनुसूचित जाति से होना अनिवार्य है।
हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के तहत रजिस्ट्रेशन: शादी हिंदू मैरिज एक्ट के तहत रजिस्टर्ड होनी चाहिए।
अगर आवेदनकर्ता द्वारा गलत जानकारी दी जाती है, तो उन्हें दंडित किया जा सकता है।
योजना के लाभ और प्रक्रिया
इस योजना के तहत नवविवाहित जोड़ों को ₹2.5 लाख की सहायता राशि दी जाती है। यह राशि उनके जॉइंट बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाती है।
विशेष बातें:
जोड़ों को अपना जॉइंट बैंक अकाउंट देना होता है।
यदि आवेदनकर्ता पहले से किसी अन्य योजना का लाभ ले रहे हैं, तो उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
सहायता राशि सीधे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाती है।
योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव को खत्म करना और हर नागरिक को समान अधिकार देना है। केंद्र सरकार ने इसे सामाजिक समानता को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया है।
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