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हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों की हुई बल्ले बल्ले! हरियाणा सरकार देगी 25 लाख, जानें पूरी बात...

हरियाणा सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसके तहत उन्हें मकान निर्माण, संतान विवाह और अन्य व्यक्तिगत जरूरतों के लिए ऋण की सुविधा दी जाएगी। ये कदम राज्य के कर्मचारियों के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उठाया गया है।
 
Haryana News

Haryana Kranti, चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसके तहत उन्हें मकान निर्माण, संतान विवाह और अन्य व्यक्तिगत जरूरतों के लिए ऋण की सुविधा दी जाएगी। ये कदम राज्य के कर्मचारियों के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें वित्तीय रूप से सशक्त बनाने की दिशा में उठाया गया है।

नए नियमों के तहत क्या सुविधाएं दी जाएंगी?

नए नियमों के मुताबिक, हरियाणा सरकार के कर्मचारी अब मकान बनाने, गाड़ी खरीदने, कंप्यूटर खरीदने और संतान विवाह के लिए भारी रकम का अग्रिम ऋण ले सकेंगे। यह सुविधा कर्मचारियों के लिए एक लंबी अवधि के बाद प्रदान की गई है, जो उनके जीवन की विभिन्न जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी।

मकान निर्माण के लिए ऋण

सरकारी कर्मचारी यदि घर बनवाना चाहते हैं तो उन्हें 25 लाख रुपये तक का ऋण मिलेगा। इस ऋण को दो भागों में बांटा जाएगा. मकान खरीदने के लिए कर्मचारियों को उनकी बेसिक सैलरी के 34 महीने या अधिकतम 25 लाख रुपये, जो भी कम होगा, दिया जाएगा। घर बनाने के लिए 60% राशि या 20 महीने की बेसिक सैलरी के बराबर राशि, अधिकतम 15 लाख रुपये तक दी जाएगी। बाकी 10 लाख रुपये मकान खरीदी के 5 साल के भीतर दी जाएगी।

संतान विवाह के लिए ऋण

कर्मचारी अपनी संतान या अन्य आश्रित की शादी के लिए 10 महीने की बेसिक सैलरी या अधिकतम 3 लाख रुपये का अग्रिम ऋण ले सकते हैं। यह सुविधा कर्मचारी को अपनी पूरी नौकरी के दौरान दो बार ही मिल सकेगी।

कार और कंप्यूटर खरीदने के लिए ऋण

जिन कर्मचारियों का संशोधित वेतन 45,000 रुपये या उससे ज्यादा है, वे कार खरीदने के लिए ऋण ले सकते हैं। इस ऋण की अधिकतम सीमा 6 लाख रुपये या गाड़ी की असल कीमत का 85% होगी। कर्मचारियों को कंप्यूटर या लैपटॉप खरीदने के लिए 50,000 रुपये का ऋण मिलेगा।

ब्याज दर

सभी प्रकार के ऋण पर ब्याज दर जीपीएफ (General Provident Fund) के बराबर होगी। हालांकि, यदि कोई कर्मचारी दूसरी बार कार ऋण लेता है तो उस पर ब्याज दर में 2% की वृद्धि होगी और तीसरी बार ऋण लेने पर ब्याज दर 4% अधिक होगी।