Movie prime

New Highway: सिरसा से होकर नोहर, तारानगर और चूरू तक बनेगा नया हाईवे, जानें नए हाईवे का रूट

 
 
जानें नए हाईवे का रूट

Haryana Kranti, चंडीगढ़: देश में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के नेतृत्व में सड़क नेटवर्क के विस्तार के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में सिरसा से नोहर, तारानगर होते हुए चूरू तक एक नया राष्ट्रीय राजमार्ग बनने जा रहा है। इस परियोजना के तहत करीब 34 किलोमीटर लंबा हाईवे बनाया जाएगा, जो क्षेत्र के लाखों लोगों के सफर को आसान और तेज बनाएगा।

हाईवे के निर्माण की योजना मई-जून 2023 में प्रस्तावित की गई थी। इसके लिए एक निजी कंपनी सर्वे कर रही है, जिसके आधार पर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

यात्रा होगी तेज और आसान

यह हाईवे सिरसा, नोहर, तारानगर और चूरू के लोगों के लिए वरदान साबित होगा। इन शहरों के बीच आवागमन तेज और सुगम हो जाएगा। जो लोग दिल्ली, जयपुर और श्रीगंगानगर जैसे शहरों की यात्रा करते हैं, उन्हें भी सीधा और तेज मार्ग मिलेगा।

फिलहाल इन शहरों के बीच यात्रा में समय ज्यादा लगता है और सड़कों की स्थिति भी बेहतर नहीं है। लेकिन नए हाईवे के निर्माण के बाद सफर में समय की बचत होगी और यात्रा सुगम हो जाएगी। 15 फीट चौड़े इस हाईवे को भविष्य में 2 लेन से 4 लेन तक विस्तार करने की योजना है। इस बदलाव से यातायात जाम की समस्या भी कम होगी और वाहन चालक आरामदायक यात्रा का अनुभव करेंगे।

व्यापार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

इस हाईवे का निर्माण न सिर्फ यात्रियों के लिए बल्कि व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। सिरसा-चूरू मार्ग से जुड़े हनुमानगढ़ और पंजाब के व्यापारी जयपुर और दिल्ली तक सामान की आपूर्ति जल्दी कर सकेंगे। इससे व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी और क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को बल मिलेगा।

राजमार्ग मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क में सुधार होने से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में वृद्धि होगी। स्थानीय व्यवसाय, कृषि उत्पादों की आपूर्ति और पर्यटन उद्योग को इसका फायदा मिलेगा।

बढ़ेगी बस सेवा और सार्वजनिक परिवहन

हाईवे बनने के बाद सार्वजनिक परिवहन सुविधाएं भी बढ़ेंगी। सरकारी और निजी बस ऑपरेटरों की सेवाओं में सुधार होगा। इस रूट पर चलने वाली बसों की संख्या में वृद्धि की जाएगी, जिससे लोगों के लिए आवागमन और आसान हो जाएगा।

फिलहाल सिरसा से चूरू तक पहुंचने के लिए लोगों को लंबा सफर करना पड़ता है। लेकिन सीधे हाईवे के जरिए दिल्ली और जयपुर तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा। हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और सूरतगढ़ के लोग भी इस नई सड़क से लाभान्वित होंगे।

भूमि अधिग्रहण और निर्माण प्रक्रिया

हाईवे के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। स्थानीय लोगों और भूमि मालिकों के साथ बातचीत की जा रही है ताकि जल्द से जल्द भूमि अधिग्रहण का काम पूरा किया जा सके। जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया के पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

संबंधित विभाग और राजमार्ग मंत्रालय इस प्रोजेक्ट की निगरानी कर रहे हैं। निर्माण का पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करेगी और इसे राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा।

सिरसा, नोहर, तारानगर और चूरू के लोगों के लिए वरदान

इस हाईवे का सीधा फायदा सिरसा, नोहर, तारानगर और चूरू के निवासियों को मिलेगा। इन शहरों के बीच आवागमन पहले के मुकाबले ज्यादा आसान होगा। पहले जहां इन शहरों के बीच कई बार घुमावदार और संकीर्ण रास्तों से होकर जाना पड़ता था, अब एक सीधा और चौड़ा मार्ग मिलेगा।

सिरसा से चूरू के बीच सफर करने वाले यात्री इस हाईवे से दिल्ली, जयपुर, हनुमानगढ़ और सूरतगढ़ के लिए भी आसानी से यात्रा कर सकेंगे। साथ ही, नए हाईवे से बस, टैक्सी और ट्रांसपोर्ट कंपनियों को भी फायदा मिलेगा।

लोगों को मिलेगा समय और ईंधन की बचत का फायदा

अब तक सिरसा से चूरू के बीच का सफर लंबा और थका देने वाला होता था। लेकिन नए हाईवे से ईंधन और समय की बचत होगी। वाहन चालकों को छोटे-छोटे गांवों के बीच के रास्तों से होकर नहीं गुजरना पड़ेगा, बल्कि एक सीधा और सुव्यवस्थित हाईवे उन्हें मिलेगा।

वर्तमान में सिरसा से चूरू का सफर करने में 2 से 3 घंटे लगते हैं, लेकिन हाईवे बनने के बाद यह समय घटकर सिर्फ 1 से 1.5 घंटे रह सकता है। इस तरह, ड्राइवर और यात्रियों को बड़ा लाभ मिलेगा।

आर्थिक प्रगति और क्षेत्रीय विकास में तेजी

इस परियोजना के जरिए सिरसा, नोहर, तारानगर, चूरू और हनुमानगढ़ के लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिल सकते हैं। सड़क निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय लोगों को काम मिलेगा और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा। साथ ही, व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट कंपनियों को भी सीधा लाभ होगा।

इस हाईवे के बनने से टूरिज्म और होटल व्यवसाय को भी प्रोत्साहन मिलेगा। सिरसा और चूरू में कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल हैं, जहां पर्यटक बड़ी संख्या में आते हैं।