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हरियाणा में अब घंटों का सफर मिनटों में होगा पूरा, इस रूट पर दौड़ेगी रैपिड मेट्रो, जानें पूरी डिटेल 

 
Delhi karnal rapid metro
 

Haryana Kranti, चंडीगढ़: दिल्ली और हरियाणा के बीच सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने की कोशिशों को एक और बढ़ावा मिल रहा है। दिल्ली से करनाल के बीच 135 किलोमीटर लंबे रूट पर रैपिड मेट्रो चलाने की योजना है। मेट्रो 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी और महज 45 मिनट में दूरी तय करेगी. वर्तमान में, बस या कार से यात्रा में ढाई घंटे लगते हैं।

करनाल तक रूट विस्तार को मंजूरी

पहले रैपिड मेट्रो प्रोजेक्ट दिल्ली से लेकर पानीपत तक ही सीमित था। लेकिन हाल ही में हरियाणा के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री की बैठक में इसे करनाल तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। करनाल तक विस्तार के लिए जल्द ही सर्वेक्षण किया जाएगा और व्यवहार्यता अध्ययन शुरू होगा। यह योजना यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी, क्योंकि मेट्रो के शुरू होने से समय के साथ-साथ यात्रा खर्च भी कम हो जाएगा।

17 स्थानों पर स्टेशन बनाए जाएंगे

दिल्ली-करनाल रैपिड मेट्रो रेल ट्रांजिट सिस्टम का जमीनी काम शुरू हो गया है। इसके तहत मेट्रो के रूटों और स्टेशनों को चिह्नित करने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। रूट पर कुल 17 स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें करनाल के तीन स्टेशन भी शामिल हैं। मेट्रो हर 6 से 10 मिनट पर उपलब्ध होगी और एक ट्रेन में 200 से अधिक यात्रियों को ले जाने में सक्षम होगी।

चीता स्पीड से दौड़ेगी रैपिड मेट्रो

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने हाल ही में विश्व सार्वजनिक परिवहन दिवस पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक टीज़र जारी किया। इसमें कहा गया है कि मेट्रो परियोजना को "चीता की गति" से विकसित किया जाएगा। 160 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति के साथ मेट्रो लोगों के यात्रा अनुभव को पूरी तरह से बदल देगी।

क्यों खास है रैपिड मेट्रो?

समय की बचत: बस या कार की तुलना में यह यात्रा ढाई घंटे से घटकर केवल 45 मिनट रह जाएगी.

हरियाली और पर्यावरण संरक्षण: रैपिड मेट्रो ईंधन आधारित वाहनों का एक विकल्प होगी, जिससे प्रदूषण कम होगा।

पैसे की बचत: लगातार बढ़ती तेल की कीमतों के बीच यह एक किफायती यात्रा विकल्प प्रदान करेगा।

आधुनिक सुविधाएं: यात्रियों को आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव होगा।

परियोजना से जुड़ी चुनौतियाँ

हालाँकि, इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा करने में कई चुनौतियाँ हैं। भूमि अधिग्रहण, वित्तीय लागत और तकनीकी विशेषज्ञता इस परियोजना को समय पर पूरा करने में बड़ी बाधा साबित हो सकती है। लेकिन सरकार और एनसीआरटीसी इन चुनौतियों से निपटने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

यह मेट्रो योजना क्या बदलाव लाएगी?

रैपिड मेट्रो परियोजना न केवल दिल्ली और हरियाणा के बीच परिवहन में सुधार करेगी, बल्कि दोनों राज्यों के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी मदद करेगी। करनाल और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार के नए अवसर बढ़ेंगे और लोगों को बड़े शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।