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आम आदमी की रसोई का फिर बड़ा खर्च, सरसों तेल और रिफाइंड की कीमत में भारी उछाल, जानें ताजा रेट 

 
 
सरसों तेल

Haryana Kranti, नई दिल्ली: बिहार में खाद्य तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर त्योहारी सीजन में घरेलू बजट पर पड़ा है। खाद्य तेल की कीमतों में उछाल के कई कारण हैं, मुख्य कारण केंद्र सरकार द्वारा मूल आयात कर में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। इसका असर सरसों तेल, सोया रिफाइंड और पाम रिफाइंड की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है.

शनिवार को बाजार में सरसों तेल की कीमत 135 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 155 रुपये प्रति लीटर हो गयी. सोया रिफाइंड तेल की कीमत 112 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 125 रुपये प्रति लीटर हो गई है. पाम रिफाइंड ऑयल की कीमत 106 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 120 रुपये प्रति लीटर हो गई है. डालडा वनस्पति तेल की कीमत भी 105 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 120 रुपये प्रति लीटर हो गयी है.

केंद्र सरकार ने आयात शुल्क बढ़ाया

कीमत बढ़ोतरी के कारणों में केंद्र सरकार द्वारा आयात शुल्क में बढ़ोतरी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति में कमी शामिल है. व्यापारियों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में आयात शुल्क में की गई बढ़ोतरी का सीधा असर खाद्य तेलों की कीमतों पर पड़ रहा है। आयात शुल्क में वृद्धि के कारण खाद्य तेलों की लागत बढ़ गई है, जिसके परिणामस्वरूप उत्पाद की कीमतें बढ़ गई हैं।

सोयाबीन उत्पादक देश ब्राजील भी आयात कम कर रहा है

इसके अलावा, प्रमुख सोयाबीन उत्पादक ब्राजील से आयात में गिरावट भी वृद्धि में योगदान दे रही है। इससे वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें बढ़ी हैं और घरेलू बाजार पर भी असर पड़ा है। कारोबारियों का मानना ​​है कि सरसों की खेती के क्षेत्र में भी कुछ बदलाव देखने को मिल रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में देश के कई हिस्सों में सरसों की खेती का रकबा बढ़ा है, जिससे सरसों की कीमतों में भी उछाल आया है।

किसानों की आय भी प्रभावित हुई

हालाँकि, बढ़ती कीमत ने किसानों की आय को भी प्रभावित किया है, जिससे सरसों की खेती अधिक लाभदायक हो गई है। इसके बावजूद, उपभोक्ताओं को बढ़ती कीमतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे घरेलू बजट पर दबाव पड़ रहा है। स्थानीय बाजारों जैसे गोपालगंज जिला मुख्यालय के बड़ी बाजार तेल बाजार, थावे, सासामुसा, मीरगंज और अन्य बाजारों में भी तेल की कीमतों में वृद्धि देखी जा रही है।

बढ़ती कीमतों की मार रसोई संभालने वाली गृहणियों पर भी पड़ी है

त्योहारी सीजन में तेल की मांग बढ़ने से कीमतों में उछाल को लेकर व्यापारी भी चिंतित हैं. तेल की बढ़ती कीमतों के डर से कई व्यापारी भंडारण के दौरान कीमतों में बढ़ोतरी से सावधान रहते हैं। इस स्थिति ने रसोई संभालने वाली गृहिणियों को भी झटका दिया है, जो त्योहारी अवधि के दौरान खाद्य तेल की ऊंची कीमतों के कारण अपने घरेलू बजट को सुधारने के लिए संघर्ष कर रही हैं।